'सत्यमेव जयति नानृतम्'

About Matri Sadan

पूर्ण रूप से सत्य पर आधारित, मातृ सदन एक दिव्य आध्यात्मिक संस्था है जो भ्रष्टाचार उन्मूलन और पर्यावरण सरंक्षण के लिए कृत संकल्प है.
Matri Sadan is a divine organization dedicated to eradication of corruption and preservation of environment. 

परन्तु यहीं शक्तियाँ जब एकरसता को प्राप्त होकर उध्र्वमुखी होती हैं तो वह देवत्व को धारण करती हैं. जब मानव इन्हीं उध्र्वमुखी शक्तियों से संचालित होता है तो उन्हें ऋषि कहा जाता है। उनकी समस्त वृत्तियाँ उध्र्वमुखी होकर कल्याणकारिणी होती हैं. जैसे किसी एक व्यक्ति पर किसी एक दवा को प्रयोग कर सर्वहित में उपयोग किया जाता है. उसी तरह किन्ही ऋषि के द्वारा अपने पर किया हुआ शुभ चिन्तन शाश्वत व सर्वभौमिक होकर सर्व कल्याणकारी होता है. वेद इन्हीं ऋषियों को प्राप्त उन अवस्थाओं की अनुभूति है जो सार्वभौमिक व साव्र्रकालिक है. मातृ सदन ऋषि परम्परा के सूक्ष्म व स्थूल नियमों का पालन करते ऋषियों के परम ज्ञान की अवस्था में स्थित रहकर उन्ही सार्वभौमिक व सार्वकालिक सिद्धान्तोंका आधुनिक परिप्रेक्ष्य में अभिनव प्रयोग है.

Matri Sadan is a Divine Planning – a planning that reveals its motto towards universal fraternity. Its codes of conducts are the derivatives of Indian Vedic Tradition carried forward/transmitted, till date, by successive spiritual preceptors of heritable lineage. Shri Gurudev Swami Shivanand ji Maharaj, the synonymous with Matri Sadan, is last in such an order. As in the Vedic Gurukul, Vedic Codes could be maintained so easily under the gracious/selfless umbrella of the saint heading that Gurukul (University in forest) so could be seen here at Matri Sadan due to the best aura of Shri Gurudeva. Maintenance of celibacy is the foundation of Matri Sadan and also the end to realize the same as the Brahamand Himself (The Almighty of the Vedanta). All the Sanyasis inherently exercise both qualitative and quantitative Tapas in a jubilant manner. One can easily see how selfless actions are trodden so naturally. The working principles of Matri Sadan can hardly be grasped through material mind which, when have the resources, can make a plan and execute.